पठानकोट शाहरपुरकंडी बैराज परियोजना की झील में डूबे नाबालिग सूर्यांश का शव 72 घंटे के लंबे अंतराल के बाद मिल गया है। 30 जून को पठानकोट के लमीनी क्षेत्र का रहने वाला सूर्यांश पुत्र त्रिलोक चंद अपनी बड़ी बहन मीनू, जीजा, अपने बड़े भाई एवं चचेरे भाई संग गांव डुंग स्थित बाबा मुक्तेश्वर धाम में नतमस्तक होने के लिए आया था। मुक्तेश्वर धाम निकट झील में नहाते समय पांव फिसलने से सूर्यांश की झील में गिर जाने से मौत हो गई थी। 72 घंटे के उपरांत सूर्यांश के शव को झील से निकाला गया। सूर्यांश का शव झील में गिरने की जगह से लगभग 200 मीटर की दूरी पर झील के किनारे मिला। जिसे एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। इस मौके मृतक सूर्यांश के परिजन, तहसीलदार धार कलां मनीष कुमार, थाना प्रभारी शाहपुरकंडी प्रभारी अमनप्रीत कौर, एनडीआरएफ टीम के अलावा बाबा मुक्तेश्वर धाम प्रबंधक कमेटी के सेवादार मौजूद थे। मृतक सूर्यांश का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया है और सूर्यांश का अंतिम संस्कार उसके गांव लमीनी में किया जाएगा।