पंजाब सरकार द्वारा किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाई गई मोगा जिले की सिद्धवां नहर की रेड़वां माइनर पहले ही सीजन में टूट गई। लगभग 100 फुट लंबे इस टूटे हुए हिस्से ने दर्जनों गांवों के किसानों को परेशान कर दिया है। किसानों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस घटना के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया है। रेड़वां माइनर, जो नूरपुर सेक्शन के अधीन आती है, लगभग 19,000 फुट लंबी है और बग्गे, सैद जलाल, चक्क किसानां, पंडोरी, अमीवाला आदि गांवों से होते हुए भोएपुर तक जाती है। यह माइनर करीब 2,000 एकड़ खेतों को नहरी पानी उपलब्ध कराती है। पंजाब सरकार ने इसी वर्ष इसे कंक्रीट से पक्का करवाया था ताकि हर खेत तक पानी पहुँच सके। किसानों का आरोप है कि माइनर को पक्का करने से पहले उसकी मजबूती की ठीक से जांच नहीं की गई थी। छह महीने पहले बना यह माइनर पहले ही सीजन में पानी छोड़ने पर टूट गया, जिससे किसानों में भारी निराशा है। किसानों ने बताया कि माइनर के नीचे से एक ड्रेन गुजरती है, जिसमें पाइप डालकर सही तरीके से मिट्टी नहीं भरी गई। इसी कारण यह हिस्सा बारिश और पानी के दबाव को सहन नहीं कर सका और टूट गया। किसानों ने मांग की है कि पंजाब सरकार ने इतना खर्चा किया पर इसका सही देखभाल भी करना चाहिए। नहरी पानी मिलने से किसानों का बहत फायदा हे। सही तरीका से काम न करने पर ठेकेदार की लापरवाही से बांध टूट गया। गांव के मौजूदा सरपंच कारज सिंह ने बताया कि जिस हिस्से में टूट-फूट हुई है, वहां ड्रेन की क्रॉसिंग थी और यही कारण था कि उस हिस्से को कंक्रीट से नहीं पक्का किया गया था। प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई है। बीती शाम को संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत का काम करवाया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि टूटे हुए हिस्से को दोबारा पक्का किया जाएगा।