पठानकोट के एनएचएम कर्मचारियों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ हल्ला-बोल हड़ताल शुरू कर दी गई है। डॉ. पंकज एमओ ने कहा कि सरकार के साथ पिछले चार साल से लगातार बातचीत चल रही है। सरकार द्वारा लगभग 30 बैठकें की जा चुकी हैं और इन बैठकों में किए गए वादों को कर्मचारियों को अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसी कारण एनएचएम कर्मचारियों में भारी रोष पाया जा रहा है तथा कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है। इसी रोष के चलते एनएचएम कर्मचारियों द्वारा आज काम छोड़कर हड़ताल तथा ज्वाइनिंग का फैसला किया गया। इस दौरान जिला पठानकोट के एनएचएम से संबंधित सिविल सर्जन कार्यालय, सिविल अस्पताल पठानकोट, सभी सीएचसी/पीएचसी तथा पूरे जिले के लगभग 200 के करीब कर्मचारियों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया। काम छोड़ने के कारण एनएचएम कर्मचारियों से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में आउटसोर्सिंग ओपीडी, आईटीएमपी कार्यक्रम, स्कूल हेल्थ स्क्रीनिंग क्लीनिक, टेली-कंसल्टेशन आदि का काम पूरी तरह ठप रहा। डॉ. रोहित कालरा एमओ ने कहा कि सरकार की चुप्पी इस बात को दर्शाती है कि वह न तो कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और न ही प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं की परवाह कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अभी भी एनएचएम कर्मचारियों की जायज मांगों को नहीं माना तो यूनियन द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध और तेज किया जाएगा तथा सड़कों पर रोष प्रदर्शन एवं संघर्ष किया जाएगा और सरकार को पूरी तरह घेरा जाएगा। इस दौरान जिला कार्यक्रम मैनेजर अमनदीप सिंह, डॉ. सर्वजीत कौर जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, डॉ. विनोद कुंडल, डॉ. परविक्रमजीत, डॉ. सीमा गिल, डॉ. पिंस महाजन, डॉ. पिया महाजन, दीपिका शर्मा, जतिन कुमार, मोनिका, करतवीर सिंह, शिव कुमार आदि हाजिर रहे।