सिख पंथ के महान शहीद धन-धन भाई मनी सिंह जी का शहीदी दिवस बुधवार को देश-विदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब) परिसर स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हाल में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से विशेष धार्मिक समागम आयोजित किए गए। समागम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग से हुई। इसके बाद आयोजित गुरमति समागम में रागी और ढाडी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन और वीर रस से जुड़ी ऐतिहासिक वाणियों के माध्यम से संगत को भाई मनी सिंह जी के अद्वितीय बलिदान से अवगत कराया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने समागम में हाजिरी लगाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भाई मनी सिंह जी ने लाहौर के नखास चौक में धर्म और सिख सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने शरीर का अंग-अंग कटवाकर अद्वितीय शहादत दी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके बलिदान को सिख इतिहास में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।