सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज ज़िले का दौरा कर कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को पुनः सामान्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने 45 दिनों का लक्ष्य तय किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाढ़ का पानी घटने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती पानी और जीवाणुओं से फैलने वाली बीमारियों को रोकना और नुकसान की भरपाई करना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। ताकि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रसार न हो। इस वर्ष ज़िले में अब तक केवल 6 डेंगू के मामले मिले हैं। विभाग द्वारा अब तक 4,31,216 घरों का सर्वे किया गया है। केवल पिछले पाँच दिनों में 23,260 घरों का सर्वे हुआ, 4215 स्थानों पर लार्वीसाइड डाली गई और 164 जगह फ्यूमीगेशन हुआ। इस दौरान बुखार के 401 मरीज मिले। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार डेंगू के 699 टेस्ट किए गए हैं जबकि पीने के पानी के 117 सैंपल भी लिए गए हैं। डेढ़ लाख से अधिक क्लोरीन की गोलियां वितरित की गई हैं और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में गांव स्तर पर लगाए गए स्वास्थ्य कैंपों का ज़िक्र करते हुए सेहतमंत्री ने बताया कि पिछले पाँच दिनों में ज़िले में 10,731 लोगों ने दवाइयां लीं। इनमें से 225 को बुखार, 177 को डायरिया, 1923 को त्वचा रोग और 900 को आंखों के संक्रमण की शिकायत थी। वहीं आशा वर्करों द्वारा 24,432 घरों तक पहुँच बनाकर 12,281 हेल्थ किटें वितरित की गईं। मंत्री ने कहा कि ज़िला प्रशासन सराहनीय कार्य कर रहा है और सरकार के उद्देश्य के अनुसार हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पंजाब सरकार ने बड़ी संख्या में नए डॉक्टर नियुक्त किए हैं, जिनमें से फ़ाज़िल्का ज़िले में 34 डॉक्टर तैनात किए गए हैं। मंत्री ने एनजीओज़ से मुलाकात कर बाढ़ संकट के दौरान उनकी सेवाओं की सराहना की और मिशन चढ़दीकला से जुड़ने का आह्वान किया।