पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर बलबीर सिंह शनिवार को मोगा पहुंचे, जहां उन्होंने डीसी कॉम्प्लेक्स में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक 21 अक्तूबर को मोगा के सरकारी अस्पताल से चोरी हुई ब्यूफ्रीनॉर्फिन की 11 हजार गोलियों के मामले को लेकर बुलाई गई थी। सेहत मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मोगा पुलिस ने इस मामले में बेहतरीन काम किया है। पुलिस ने कड़ी मेहनत और सूझबूझ से जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 10 हजार गोलियां बरामद कर ली हैं। उन्होंने कहा कि यह चोरी बड़ी साजिश के तहत की गई थी ताकि पंजाब सरकार की नशा मुक्त पंजाब मुहिम को बदनाम किया जा सके। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह वारदात बेहद चालाकी से की गई थी, पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे, फिर भी उन्होंने इस गंभीर मामले को सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने साफ कहा कि इस साजिश में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सेहत मंत्री ने बताया कि सरकारी अस्पताल के ड्रग स्टॉक रूम में काम करने वाले स्टाफ की भी जांच की जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की नशा-विरोधी मुहिम के चलते अब तक कई बड़े तस्करों को जेल भेजा गया है और हजारों युवाओं को नशे से छुड़ाकर रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग पंजाब के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें सख्त सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही सभी सरकारी अस्पतालों में सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा और हर अस्पताल में एक मैनेजर नियुक्त किया जाएगा, जो समूचे प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेगा ताकि डॉक्टर पूरी तरह मरीजों के इलाज पर ध्यान दे सकें। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार आम जनता को बेहतर सेहत सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।