फिरोजपुर के ममदोट के गांव की कई मंडियों में 6,85000 गेहूं की बोरियां पड़ी है। यह बोरियां बिल्कुल फेंसिंग के साथ सटे गांव की मंडियों में पड़ी है। प्रवासी मजदूर भारत-पाक की जंग को देखते हुए अपने प्रदेश लौट गए हैं। गेहूं की रखवाली जिम्मेदार कर रहे हैं। जिम्मेदार बलवंत सिंह ने बताया कि मंडी फतेह वाला, चक भांगे वाला, हजारा सिंह वाला, राऊके हिठाड़ व डिब्बी खुर्द में लगभग 6,85000 गेहूं की बोरियां पड़ी है। अभी भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। यदि जंग पूरी तरह छिड़ जाती है तो उन्हें भी यह सब कुछ छोड़कर सुरक्षित जगह पर पहुंचना पड़ेगा। अनाज की बोरियां इसी तरह मंडियां में पड़ी रहेंगी। यह सब कुछ लिफ्टिंग की देरी के चलते हुआ है। इन गेहूं की बोरियों को अभी तक मंडियों से नहीं उठाया गया है। उनकी ममदोट मार्केट कमेटी लगती है और मार्केट की तरफ से इन गेहूं की बोरियों को अभी तक उनके निश्चित स्थान तक नहीं पहुंचाया गया है। दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति अभी भी बरकरार है।