फिरोजपुर बॉर्डर एरिया पर सतलुज दरिया में आई बाढ़ से फेंसिंग डूब चुकी है। ऐसी कठिन परिस्थिति में बीएसएफ जवान सरहद पर दुश्मन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मदद भी कर रहे हैं। बाढ़ के पानी से सीमावर्ती इलाके जलमग्न होने के बावजूद बीएसएफ के जवान दिन-रात सीमा पर अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। जलमग्न क्षेत्रों में बोट नाका लगाकर गश्त की जा रही है तथा अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। बीएसएफ की इंटेलिजेंस शाखा भी सक्रिय रहकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी पहुँच बनाए हुए है, जहाँ बाढ़ की आड़ में अवैध गतिविधियों की आशंका अधिक होती है। इन्हीं परिस्थितियों में बीएसएफ जवानों ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए दो ड्रोन तथा लगभग छह किलोग्राम हेरोइन जब्त कर तस्करों की कोशिश को नाकाम कर दिया है। बाढ़ से उत्पन्न विषम हालातों में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ बीएसएफ ने मानवीय दायित्व निभाते हुए जिलास्तर पर राहत और बचाव कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई रही है। बीएसएफ की वॉटर विंग, अधिकारी एवं जवान मिलकर जिला प्रशासन के साथ तालमेल में सीमावर्ती गांव कालूवाला, न्यू गट्टी राजोके, धीरा घारा और निहाले लावेड़ा जैसे गंभीर रूप से प्रभावित गाँवों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिन गाँवों से मवेशियों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका, वहाँ भी बीएसएफ अपनी नावों की मदद से पशुओं हेतु चारा पहुँचा रही है।