फिरोजपुर के हरिके हेड से मल्लांवाला गांव तक गुजरने वाली बूटे शाह नहर दो स्थानों पर टूट जाने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि घटना के काफी समय बाद भी नहर विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे नुकसान लगातार बढ़ता रहा। किसान महल सिंह ने बताया कि जब से नहर में पानी छोड़ा गया है, तब से यह लगातार ओवरफ्लो हो रही है। नहर में बड़ी मात्रा में जलकुंभी जमा होने से पानी का बहाव बाधित हो रहा था। किसानों ने अपने स्तर पर मजदूर लगाकर घास हटवाई, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। किसान गुलाब सिंह ने बताया कि पुल के नीचे से पानी का बहाव बनाने के लिए किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मिट्टी और बोरियों से नहर की दरार बंद करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कलगा सिंह की हवेलियों के पास करीब 20 फीट चौड़ी दरार बनने से पानी मल्लांवाला-जैमलवाला रोड तक पहुंच गया। इससे लगभग 150 किल्लों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।