बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में पुलिस ने अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 6 मुख्य साजिशकर्ता और 20 परीक्षार्थी शामिल हैं। वहीं हरियाणा के भिवानी निवासी साजन समेत चार अन्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सोमवार को फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फरीदकोट व फिरोजपुर रेंज पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें एक थाना साइबर क्राइम फरीदकोट तथा दो फिरोजपुर के थाना कैंट और थाना कुलगढ़ी में दर्ज हुई हैं। गिरफ्तार किए गए 26 आरोपियों में से 22 को फरीदकोट पुलिस और 4 को फिरोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह एक सुनियोजित नेटवर्क था, जिसमें परीक्षा केंद्र से पेन कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र स्कैन कर हरियाणा के भिवानी निवासी साजन को भेजा गया। वहां से हल किए गए प्रश्न फरीदकोट के सोसायटी नगर स्थित एक अस्थायी कंट्रोल रूम तक पहुंचे, जहां से राजस्थान के मनजीत सिंह और दीपक ने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाए। अधिकांश आरोपियों से ब्लूटूथ डिवाइस भी बरामद किए गए हैं। आईजी नीलांबरी जगदले ने कहा कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने या परीक्षा केंद्र के किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। मामले की गहन जांच जारी है और इस रैकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।इससे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अरविंद कुमार ने भी स्पष्ट किया था कि पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि हाईटेक तरीके से नकल कराने की कोशिश की गई थी। मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई है और सरकार के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।