चंडीगढ़ की सड़कें भले ही ऊपर से मजबूत दिखती हों, लेकिन बारिश के मौसम में सड़क के साइड में अंडर ग्राउंड बिछी 70 साल पुरानी सीवर और स्टॉर्म वॉटर लाइनें बड़ा खतरा बन रही हैं। तेज बारिश के दौरान पुरानी अंडर ग्राउंड ब्रिक वाली पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने से सड़क धंसने की घटनाएं ज्यादा ही आने लगी हैं। वहीं स्टॉर्म वॉटर लाइन में डाली सड़क गलियों के पास से सड़कें खोखली होकर धंस रही हैं। सड़क गलियों में लगने वाला मैटीरियल ठीक नहीं होता है या फिर इन्हें ठीक से नहीं बनाया गया। जिससे बरसाती पानी के जमीन में रिसने से सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। सबसे बड़ा खतरा यह है कि सड़क के नीचे बिछी पुरानी पाइपलाइन कब टूटेगी और उसके ऊपर की जमीन कब खोखली हो जाएगी, इसका अंदाजा सड़क से गुजरने वाले वाहन चालक को नहीं होता है। लगातार बारिश का पानी जमीन के भीतर रिसने, पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने और मिट्टी के बहने से सड़क का बेस कमजोर हो जाता है। इससे सड़क का एक हिस्सा अचानक धंसकर गड्ढे में तब्दील हो जाता है। सड़क की ऊपरी लेयर लटकी रह जाती है।