इजरायल-ईरान संघर्ष को लेकर सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर अद्वित्य मदान ने स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा कि अगले 72 घंटे इस पूरे संघर्ष की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। ब्रिगेडियर मदान के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे आंतरिक हालात और अधिक अस्थिर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ईरान की वैचारिक सोच में अमेरिका को ‘बिग डेविल’ और इजरायल को ‘लिटिल डेविल’ माना जाता है। यही वजह है कि ईरान इस संघर्ष को केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैचारिक लड़ाई के रूप में भी देख रहा है।ब्रिगेडियर मदान ने स्पष्ट किया कि अब तक ईरान ने किसी भी प्रकार का परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं किया है। जिससे ये साफ है कि उसके पास परमाणु हथियार नहीं है।