कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों को मात देकर ब्लेड रनर खिलाड़ी किरण कनोजिया आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। एक हादसे में अपना पैर खो देने के बाद जहां ज्यादातर लोग जीवन से हार मान लेते हैं, वहीं किरण ने इसी दर्द को अपनी ताकत बना लिया और खेल के मैदान में नई पहचान कायम की। किरण का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। साधारण परिवार से आने वाली किरण के सामने आर्थिक तंगी हमेशा बड़ी चुनौती रही। हादसे के बाद जब उनका एक पैर काटना पड़ा तो परिवार और समाज के कई लोगों ने मान लिया कि अब उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। लेकिन किरण ने हार मानने के बजाय खुद को संभाला और कृत्रिम ब्लेड की मदद से दौड़ना शुरू किया।