पंजाब के बॉर्डर जिलों के गांव पाक तस्करों के निशाने पर हैं, जहां से भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ हथियार तस्करी की जा रही है। वर्ष 2025 में ही इंडो-पाक बॉर्डर से 1.16 लाख किलो ड्रग्स की तस्करी की गई है। पंजाब पुलिस एंटी ड्रोन सिस्टम से इस तस्करी को कम करने में जुटी हुई है, जिससे पहले के मुकाबले ड्रग्स तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं। इससे बरामदी की मात्रा भी बढ़ गई है जो नशे के कारोबार में बड़ी चोट है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद की गई थी लेकिन 2025 में इसमें भारी उछाल आया और आंकड़ा 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिये तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।