ये कैसे नाके-जो हर दिन, हर वक्त एक ही जगह जमे रहते हैं और अब सबकी जुबान पर चढ़ चुके हैं। शहर में सुरक्षा का पहरा तो नजर आता है, लेकिन इनके असर पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले एक महीने से फिक्स लोकेशन पर लग रहे इन नाकों की टाइमिंग और जगह इतनी तय हो चुकी है कि आम लोग ही नहीं, अपराधी भी इन्हें भांप चुके हैं। सेक्टरों की डिवाइडिंग सड़कों पर 24 घंटे तैनाती के बावजूद चेकिंग का सरप्राइज एलिमेंट खत्म हो गया है। इससे यह आशंका बढ़ रही है कि यह कहीं तयशुदा पैटर्न अपराधियों के लिए आसान रास्ता तो नहीं बन रहा।