मजीठा गेट पर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के लगाए गए पोस्टरों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पोस्टरों के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने का अर्थ यह नहीं कि उसे पहले ही दोषी मान लिया जाए। उनका मानना है कि मजीठा क्षेत्र भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल रहा है तथा सभी समुदायों के लोगों को कानून और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि यदि पोस्टर अकाली दल समर्थकों द्वारा लगाए गए हैं तो यह उनकी राजनीतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत दुश्मनी का रूप नहीं दिया जाना चाहिए और हर व्यक्ति कानून के प्रति जवाबदेह है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जसवंत सिंह ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है और किसी भी मामले में दर्ज एफआईआर की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। उन्होंने लोगों से न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। मजीठा गेट पर लगे इन पोस्टरों ने एक बार फिर क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। समर्थक इसे अपने नेता के प्रति एकजुटता का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे राजनीतिक और कानूनी जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं। अब सभी की निगाहें आगामी कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।