पाकिस्तान के फारूखाबाद स्थित मंडी सकराना में एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में तोड़फोड़ की घटना पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गहरी चिंता जताई है। एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से गुरुद्वारों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। बलविंदर सिंह काहलवां ने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन के बाद अनेक ऐतिहासिक गुरुद्वारे पाकिस्तान में रह गए थे, जिनके दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु वहां जाते हैं। एसजीपीसी भी साल में चार बार श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजती है। उन्होंने बताया कि फारूखाबाद की मंडी सकराना में स्थित सिंह सभा लहर के समय के ऐतिहासिक गुरुद्वारे को कुछ शरारती तत्वों ने नुकसान पहुंचाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई गुरुद्वारे की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की नीयत से की गई है, जो अत्यंत निंदनीय है। एसजीपीसी सचिव ने पाकिस्तान सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों की सुरक्षा, मर्यादा तथा उनकी संपत्तियों को अतिक्रमण और नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।