श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूप गुम होने के मामले में चल रही जांच के तहत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कानूनी सलाहकार अमनबीर सिंह सियाली शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उनके साथ एसजीपीसी के वर्तमान पदाधिकारी और सात सदस्य भी माैजूद रहे। सभी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के समक्ष बयान दर्ज कराए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले संबंधित अधिकारियों के बयान डॉ. ईश्वर सिंह आयोग के समक्ष दर्ज किए जा चुके थे। अब एसआईटी द्वारा उन्हें दोबारा रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि सभी तथ्यों को सही ढंग से संकलित किया जा सके। पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में एसजीपीसी के 40 सदस्यों और अधिकारियों को समन जारी किए हैं। इनमें से शुक्रवार को सात सदस्य बयान दर्ज कराने पहुंचे। शेष को निर्धारित तिथियों पर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। बयान दर्ज करवाने के बाद मीडिया से बातचीत में अमनबीर सिंह सियाली ने कहा कि एसजीपीसी जांच से पीछे नहीं हट रही है। कमेटी पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों के बयान पहले आयोग के सामने दर्ज हुए थे, वही अब एसआईटी के समक्ष उपस्थित हो रहे हैं। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।