भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोकसभा में पेश महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संसद में “नारी शक्ति बिल” को रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देश की 33 फीसदी महिलाओं को मिलने वाला अधिकार बाधित हुआ है। सिरसा ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने मिलकर इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को आरक्षण देने के वादों से भरा रहा है, लेकिन उसे कभी लागू नहीं किया गया। उन्होंने परिसीमन बिल 2026, संविधान संशोधन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन बिल 2026 पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि इनका उद्देश्य हर वोट की बराबर कीमत सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, परिशीमन से पंजाब में लोकसभा सीटें बढ़कर 20 हो सकती थीं, जिससे प्रतिनिधित्व मजबूत होता। प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिरसा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आरक्षण देना गलत नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सोच का समर्थन करते हुए कहा कि हर नागरिक और हर वोट की बराबर अहमियत होनी चाहिए। सिरसा ने यह भी कहा कि भाजपा ने महिलाओं को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दिया है और देश को एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति देकर बड़ा संदेश दिया है। अंत में उन्होंने पंजाब सरकार के बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत किया, लेकिन साथ ही पुराने मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।