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पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए: डॉ. राजकुमार वेरका

पवन कुमार Updated Thu, 23 Jul 2026 12:28 PM IST

कांग्रेस नेता डॉ. राजकुमार वेरका ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन केवल अदालत बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पहले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मीडिया से बातचीत में वेरका ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं की जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो सबसे पहले शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए और जिन एजेंसियों पर पेपर लीक कराने के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। वेरका ने कहा कि यदि पहले दोषियों को कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाता और उसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होती तो छात्रों का सरकार पर भरोसा बढ़ता। उनका कहना था कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने दावा किया कि कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। वेरका ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने भी हिंसा में भूमिका निभाई, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं तो उन्हें अपने मंत्री की जवाबदेही तय करनी चाहिए। वेरका ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ पारदर्शी और सख्त कार्रवाई करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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