बाबा बाकला में आयोजित आयोजित धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए तथा गुरबाणी कीर्तन और धार्मिक विचारों के माध्यम से संगत को गुरमत से जोड़ने का संदेश दिया गया। समागम में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और पंथक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि सिख इतिहास शहीदों की कुर्बानियों से भरा हुआ है और नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शहीदों द्वारा दिखाए गए सत्य, साहस और धर्म की रक्षा के मार्ग पर चलकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम में महंत महाबीर सिंह, बाबा अमरजीत सिंह हरखोवाल, बाबा गुरप्रीत सिंह, बाबा नाथ सिंह, बाबा सुरजीत सिंह गंगानगर, बाबा मनजीत सिंह निर्मले, बाबा अमरीक सिंह, जथेदार दविंदर सिंह खट्टड़ा, जथेदार जगमोहन सिंह, जथेदार शमशेर सिंह, जथेदार दिलबाग सिंह, डॉ. कलजीत कौर (यूके), सरबजीत सिंह, कंवरपाल सिंह, दारा सिंह, भाई बलजीत सिंह आजाद, ज्ञानी प्रताप सिंह तथा अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। समागम के अंत में संगत के लिए गुरु का लंगर भी आयोजित किया गया।