शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी कथित वीडियो को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। अमृतसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मजीठिया ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और गुरु साहिब के संबंध में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक शब्दावली को सिख समाज स्वीकार नहीं कर सकता। मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो को एआई से तैयार बताया, लेकिन अब सरकार इस मामले में घिरती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा होता तो उसके खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई हो चुकी होती। अकाली नेता ने फोरेंसिक जांच रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट तैयार कराने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए और जिन एजेंसियों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने सच्चाई सामने लाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, न कि किसी पक्ष को बचाने का प्रयास। मजीठिया ने दावा किया कि मामले में पहले ही दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की।