श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए गए सिख श्रद्धालुओं का जत्था अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौट आया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक यात्रा के अनुभव साझा करते हुए इसे बेहद आध्यात्मिक और यादगार बताया। श्रद्धालु मलकीत कौर ने बताया कि उन्होंने गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब और गुरुद्वारा डेरा साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि गुरु घरों में माथा टेकने से मन को अपार शांति और सुकून मिला। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की सिख संगत और स्थानीय लोगों ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा भरपूर सम्मान दिया। मलकीत कौर ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों को वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं नियमित रूप से जारी रहेंगी, जिससे संगत को गुरु साहिबानों से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन का अवसर मिलता रहेगा।