परविंदर सिंह झोटा मामले में इंसाफ की मांग को लेकर मानसा में चल रहे मोर्चे को समर्थन देने के लिए सोमवार को किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब का बड़ा जत्था प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सभरा के नेतृत्व में पहुंचा। इस दौरान प्रदेश स्तरीय नेता सतनाम सिंह माणोचाहल और हरजिंदर सिंह शकरी सहित संगठन के कई नेता और सैकड़ों किसान-मजदूर मौजूद रहे। मोर्चे में पहुंचे नेताओं ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर उनके हौसले की सराहना की। उन्होंने एक्शन कमेटी की ओर से अब तक लिए गए फैसलों का समर्थन करते हुए नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों का आभार जताया। नेताओं ने कहा कि किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पहले दिन से ही मोर्चे की मांगों के साथ खड़ी है और नशे के खिलाफ ईमानदारी से आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति का समर्थन करती रहेगी। मुख्यमंत्री का बयान पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा: माणोचाहल, शकरी सतनाम सिंह माणोचाहल और हरजिंदर सिंह शकरी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें सरकार की ओर से जायज मांगें मानने और परिवार द्वारा अंतिम संस्कार के संबंध में फैसला लेने की बात कही गई थी। नेताओं ने कहा कि इस तरह के बयान पीड़ित परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। केवल मांगें मानने की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार को संतुष्ट करने और इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मोर्चे को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाजारों में कारोबार प्रभावित होने, त्योहारों के दौरान लोगों को परेशानी होने और बसों के रूट बदलने जैसे मुद्दों को उठाकर आंदोलन के मूल उद्देश्य से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंसाफ की मांग को व्यापार और यातायात संबंधी समस्याओं से जोड़कर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के नेताओं ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा मामले में इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस मौके पर दिलबाग सिंह पहूविंड, निरंजन सिंह बगराड़ी, जगराज सिंह सभरा सहित संगठन के कई नेता और सैकड़ों किसान-मजदूर मौजूद रहे।