संवाद न्यूज एजेंसी करनाल। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रशासनिक दावे केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। कर्ण स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तैयार किया गया 90 बेड का हॉस्टल पिछले करीब पांच महीनों से अधर में लटका हुआ है। हॉस्टल की इमारत तो पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन अंदरूनी हिस्से के कुछ जरूरी काम अभी तक पूरे नहीं किए जा सके हैं। इस हॉस्टल का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि जिले में जब भी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो, तो दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले खिलाड़ियों को सरकारी स्कूलों या धर्मशालाओं में न ठहरना पड़े। सभी खिलाड़ियों को एक ही जगह हॉस्टल में रोका जा सके, जिससे वे प्रतियोगिता के लिए समय पर मैदान में पहुंच सकें। यदि यह हॉस्टल समय पर शुरू हो जाता, तो खिलाड़ियों को रहने और खाने की उत्तम सुविधा एक ही छत के नीचे मिल जाती। देखरेख के अभाव में अब इस नवनिर्मित हॉस्टल की खिड़कियों के कांच भी टूटने लगे हैं। हॉस्टल में खिलाड़ियों के लिए शुद्ध पेयजल, 24 घंटे निर्बाध बिजली के लिए सोलर पैनल और बेड की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। स्मार्ट सिटी के तहत कर्ण स्टेडियम में इस समय करीब पांच से छह विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन अभी तक एक भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते जब भी जिले में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता होती है, तो खिलाड़ियों को ठहरने और खाने-पीने का इंतजाम खुद करना पड़ता है। अगले महीने ही जिले में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों खिलाड़ी हिस्सा लेने आएंगे। हॉस्टल शुरू न होने के कारण इन खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था एक बार फिर सरकारी स्कूलों और धर्मशालाओं में की जाएगी। ऐसे में पुरुष खिलाड़ी तो जैसे-तैसे अपना इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन महिला खिलाड़ियों को सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बॉक्स टेंडर रद्द कर दोबारा अलॉट किया जिस कंपनी को हॉस्टल के निर्माण का कार्य सौंपा गया था, उसने किन्हीं कारणों से काम रोक दिया था। लापरवाही को देखते हुए विभाग ने तुरंत प्रभाव से संबंधित कंपनी का टेंडर रद्द कर नया टेंडर जारी कर दिया है। अगले महीने से हॉस्टल का काम दोबारा शुरू करके इसे जल्द से जल्द खेल विभाग को सौंप दिया जाएगा। रामफल, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी बॉक्स जल्द काम पूरा करने के लिए लिखा पत्र स्मार्ट सिटी की ओर से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जिस भी प्रोजेक्ट का कार्य रुका हुआ है, उसे जल्द से जल्द पूरा करने के महाप्रबंधक को पत्र लिखा गया है,ताकि खेल महाकुंभ या अन्य प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सत्यवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी