भाजपा की कोशिश है कि 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के समय अपने साथ ज्यादा से ज्यादा दलों को साथ रखकर मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने का संदेश दिया जा सके। पार्टी ने इसके लिए आठ नए राजनीतिक दलों से भी संपर्क किया है जो 18 जुलाई को उसके खेमे में दिखाई पड़ सकते हैं। हालांकि, इसका एक असर यह भी हो रहा है कि एनडीए में सीटों के बंटवारे का गणित गड़बड़ा सकता है। सभी राजनीतिक दल अपने लिए ज्यादा बड़ी भागीदारी की मांग कर भाजपा नेतृत्व के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।