नई दिल्ली हादसे के तीन दिन बाद भी वास्तविक स्थिति से भ्रम का परदा नहीं उठ सका है। हादसे पर अलग-अलग एजेसियों की रिपोर्ट और अधिकारियों के बयानों तक में तालमेल नहीं है। रेल मंत्रालय का दावा है कि हादसे के वक्त स्टेशन पर अप्रत्याशित भीड़ नहीं थी। जबकि रिपोर्ट की रिपोर्ट में दर्ज है कि मुसाफिरों का दबाव ज्यादा होने हादसा हुआ। आरपीएफ की दो रिपोर्ट में घटना का समय भी एक नहीं है। इतना जरूर है कि सीढ़ी पर भगदड़ होने के मामले में एकरूपता है।