इंदौर शहर की कई कॉलोनियां और बस्तियां ऐसी हैं, जहां नर्मदा और ड्रेनेज लाइन 20-30 साल पुरानी हो चुकी हैं और उन जर्जर लाइनों से गंदा और पीने का नर्मदा जल आपस में मिल रहा है। इस कारण नलों में पेयजल के साथ गंदा पानी मिलकर घरों में आ रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं।