हरियाणा के भिवानी ज़िले में बसे इस 400 साल पुराने गाँव को ‘छोटी काशी’ यूं ही नहीं कहा जाता। यहां की हवा में आज भी अध्यात्म, परंपरा और पुरखों की स्मृतियां सांझ की आरती की तरह गूंजती हैं। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही मंदिरों की श्रृंखला, साधु–संत परंपरा और झांग आश्रम की छह प्राचीन समाधियां बड़वा की आध्यात्मिक पहचान को जीवंत करती हैं।