मध्यप्रदेश के विदिशा में स्थित बीजा मंडल परिसर में हिंदू समाज के लोगों ने नागपंचमी पर वर्षों से लगे हुए ताले के बाहर बैठकर पूजा अर्चना की। उन्होंने प्रशासन से ताला खोलने की भी मांग हिंदू संगठन ने की। पर पुलिस ने उनकी नहीं सुनी।
गौरतलब है कि इस वर्ष कलेक्टर द्वारा जारी एक पत्र ने बवाल मचा दिया और विदिशा सहित पूरे प्रदेश में विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। क्योंकि कलेक्टर द्वारा जारी पत्र में एएसआई का हवाला देते हुए बीजा मंदिर को मस्जिद बताया गया गया था। इसको लेकर विजय मंदिर मुक्त समिति ने आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मुकेश टंडन के नेतृत्व में कलेक्टर और एसपी को लिखित ज्ञापन दिया। इसमें एएसआई द्वारा मंदिर को मस्जिद बताने पर आपत्ति दर्ज कराई गई। नागपंचमी पर प्रतिवर्ष होने वाली पूजा को लेकर इस वर्ष भी पुलिस व प्रशासन द्वारा विवाद की स्थिति देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ऐसे में शुक्रवार को नागपंचमी के अवसर पर बीजा मंडल परिसर में हिंदू युवाओं की भीड़ जमा होना शुरू हुई और सर्वप्रथम सभी युवाओं ने वहां बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। ताला खोलो के नारे भी लगाए गए।
दूसरी तरफ बीजा मंदिर में पूजन करने के लिए पहुंचे स्थानीय विधायक मुकेश टंडन द्वारा ढोल मंझीरों के साथ एक तरफ पूजा अर्चना की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ ताला खोलने की जिद पर अड़े हिंदू युवा लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, स्थानीय विधायक मुकेश टंडन ने पूजा संपन्न की और वे मौके से निकल गए, लेकिन हिंदू युवा उक्त पूजन से संतुष्ट नही हुए। विधायक द्वारा की गई पूजा का बहिष्कार किया गया। क्योंकि प्रतिवर्ष नंदकिशोर शास्त्री द्वारा उक्त स्थान पर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना संपन्न की जा रही थी। ऐसे में मौके पर मौजूद हिंदू युवाओं में आपस में कहासुनी भी हुई, लेकिन पुलिस ने हालात बिगड़ने से पहले ही भीड़ को तितर बितर कर दिया। शाम 6 बजे तक एएसआई के नियम के अनुसार उक्त स्थल को पूर्ण रूप से खाली करवा दिया गया।