मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं की जीत के बाद अब कुछ विवादित बयान सामने आ रहे हैं। विदिशा जिले की लटेरी तहसील में गुरुवार की शाम को भाजपा नेताओं के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और न्यायालय जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
दरअसल, सागर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली लटेरी तहसील में भाजपा सांसद लता वानखेड़े का गुरुवार को आगमन हुआ। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोश और उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान सिरोंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा के प्रतिनिधि और लटेरी नगर परिषद अध्यक्ष के पति संजय अत्तु भंडारी, लोकसभा चुनाव के दौरान की कथित अनियमितताओं का बखान करते नजर आए। वीडियो में संजय भंडारी यह दावा करते हुए सुने जा सकते हैं कि उन्होंने 13 मतदान केंद्रों पर कांग्रेस का कोई भी पोलिंग एजेंट नहीं बैठने दिया। साथ ही, किसी अन्य व्यक्ति की आवाज में यह भी सुना गया कि "15 वोट फर्जी तरीके से डाले गए थे।"
वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे निष्पक्ष चुनाव का खुला उल्लंघन करार दिया है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष यदुवीर सिंह बघेल ने कहा कि भाजपा नेता स्वयं फर्जी मतदान करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। कांग्रेस इस मामले को चुनाव आयोग और न्यायालय में ले जाएगी, साथ ही थाने में भी इसके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाएगी।
भाजपा का प्रतिक्रिया से इनकार
विदिशा से भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जादौन ने इस मामले से अनजान होने का दावा किया। उन्होंने कहा, "मैंने अभी तक वीडियो नहीं देखा है। आप मुझे वीडियो भेज दें, मैं देख लूंगा।"
कुर्बानियों पर हो रही थी चर्चा
यह पूरा विवाद सागर सांसद लता वानखेड़े के लटेरी में निवास करने वाले भाजपा नेता जयप्रकाश पटेल के यहां भोजन के निमंत्रण पर जाने के दौरान हुआ। जयप्रकाश पटेल के भाई चंद्रमोहन शर्मा कांग्रेस नेता हैं, जिसके कारण लटेरी भाजपा मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने लोकसभा चुनाव में की गई कथित "कुर्बानियों" का खुलासा कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।