मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के जुझारनगर थाने से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को सुरक्षा देने के बजाय आरोपी पक्ष को ही सौंप दिया गया। नतीजा यह हुआ कि आरोपी ने जेल से जमानत पर छूटते ही दोबारा बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। मामला इतना गंभीर है कि अब पन्ना की बाल कल्याण समिति CWC, महिला बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारियों सहित कुल 9 लोगों पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए FIR की गई है।
जानकारी के मुताबिक पीड़िता पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली है। तो वहीं आरोपी छतरपुर जिले के जुझारनागर/बारीगढ़ का रहने वाला है। जिसने शादी का झांसा देकर लड़की को गुड़गांव ले जाकर दुष्कर्म किया था। जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा और नाबालिग को वन स्टॉप सेंटर पन्ना में रखा गया। लेकिन यहां जांच के बिना ही बाल कल्याण समिति ने लड़की को आरोपी की रिश्तेदार के हवाले कर दिया। इसी दौरान आरोपी को जमानत मिल गई और उसने दोबारा बालिका से दुष्कर्म किया। वहीं अब पुलिस ने आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही समिति के पांच पदाधिकारी- भानुप्रताप जड़िया, अंजलि भदोरिया, सुदीप श्रीवास्तव, आशीष बोस और प्रमोद सिंह ठाकुर, महिला बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह सहित वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारियों पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे को सौंपी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी...