उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जो बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, वहां एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। बफर जोन पचपेड़ी क्षेत्र में एक इनोवा कार (क्रमांक MP 20 BA 4643) को वन क्षेत्र में प्रवेश करते हुए देखा गया। कार में रिटायर्ड डिप्टी रेंजर हरिभजन सिंह सहित चार लोग सवार थे। जैसे ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन को सूचना मिली, अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
यह मामला शाम के समय का है, जब पर्यटकों की जिप्सियां सफारी के दौरान बफर जोन पचपेड़ी में घूम रही थीं। उसी दौरान एक निजी इनोवा कार प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सफारी के नियमों के अनुसार, निजी वाहनों को वन क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होती, लेकिन फिर भी यह कार अंदर कैसे पहुंची, यह एक बड़ा सवाल है।
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जैसे ही टाइगर रिजर्व प्रशासन को सूचना मिली, तत्काल क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि सेवानिवृत्त उपवन क्षेत्रपाल (डिप्टी रेंजर) हरिभजन सिंह इस कार में मौजूद थे। उनके साथ तीन अन्य लोग भी सफर कर रहे थे।
हरिभजन सिंह ने क्या दी सफाई?
जब अधिकारियों ने हरिभजन सिंह से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वे खतौली सर्कल में पदस्थ थे और पचपेड़ी बफर जोन के कैंप में श्रमिक से मिलने आए थे। हालांकि, वन विभाग अभी इसकी सत्यता की जांच कर रहा है कि उनके पास बफर जोन में प्रवेश की अनुमति थी या नहीं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी वाहनों को वन क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। यह एक गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए यह नियम बनाए गए हैं। प्रशासन अब घटना की विस्तृत जांच कर रहा है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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क्यों है यह मामला गंभीर?
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के सख्त नियम हैं। यहां बाघों सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण किया जाता है। निजी वाहन के वन क्षेत्र में प्रवेश से वन्यजीवों को खतरा हो सकता है और पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ सकता है।