फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain: सावन कृष्ण त्रयोदशी पर भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, ॐ शृंगार में नजर आए बाबा महाकाल

Tue, 11 Aug 2026 07:36 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

श्रावण कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आज मंगलवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए रात तीन बजे जागे। जिनका आलौकिक शृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' की गूंज से गुंजायमान हो गया।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आज रात 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया।

पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप में श्रृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती हुई।

आज के श्रृंगार की विशेषता यह थी कि आज बाबा महाकाल के मस्तक पर वैष्णव तिलक लगाकर ॐ से श्रृंगार किया गया और श्रीराम की माला पहनाई गई, जिससे बाबा महाकाल का आलौकिक स्वरूप नजर आया। इन आलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। इस दौरान मंदिर में 'जय श्री महाकाल' की गूंज गुंजायमान हो गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें