तराना में गुरुवार शाम से मचे उपद्रव के बाद अब यह शहर धीरे-धीरे शांति की ओर आगे बढ़ रहा है। आज सुबह बाजारों में आवाजाही भले कम रही, लेकिन मुख्य बाजारों के साथ ही गली मोहल्ले की दुकाने खुलने लगीं। इन दुकानों के खुलने से माहौल सामान्य होता नजर आया। डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने पुलिस बल के साथ तराना क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
पूरे क्षेत्र मे प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और SP प्रदीप शर्मा खुद तराना पहुंचे। पुलिस ने अब तक 25 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरा इलाका पुलिस की निगरानी में है और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
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तराना मे 25 हजार की आबादी
उज्जैन के तराना में दो दिन तनाव के हालात रहे। एक दर्जन से अधिक बसों, करीब 9 कारों और कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया। एक बस में आग भी लगा दी गई। कई घरों पर पत्थर, हथियार और लाठी-डंडों से हमला हुआ। पुलिस ने अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। हालात पर नियंत्रण के बाद शनिवार सुबह बाजार खुल गए हैं। प्रशासन के अनुसार फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 12 घंटे से कोई भी हिंसक घटना सामने नहीं आई है। क्षेत्र में शांति बनी हुई है। इधर, तराना में भड़की इस हिंसा के पीछे की कहानी में सिर्फ दो किरदार हैं। जिसे मुस्लिम और हिंदू दोनों पक्ष जानते हैं। 25 हजार की आबादी वाले तराना में 350 से ज्यादा पुलिस बल तैनात होने के बाद भी आगजनी और पथराव हो गया।