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भस्म आरती: भांग का शृंगार मस्तक पर डमरू-त्रिशूल और बेलपत्र से सज गए बाबा महाकाल, फिर रमाई भस्म

Sun, 14 Jun 2026 07:35 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

ज्येष्ठ अधिकमास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर रविवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही भक्त कतारों में लगकर अपने आराध्य बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह 4 बजे बाबा महाकाल के जागरण के साथ विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और भस्म आरती संपन्न हुई।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए। इसके पश्चात गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया गया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। प्रथम घंटानाद के साथ "हरि ॐ" का जल अर्पित किया गया।

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पूजन के बाद पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया तथा कपूर आरती के उपरांत उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि चतुर्दशी के अवसर पर बाबा महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

यह है आरती का समय भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।
  भस्म आरती शृंगार दर्शन   भस्म आरती शृंगार दर्शन  

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