जिले के महाराजपुरा गांव की महिलाओं ने शुक्रवार को जहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट का घेराव किया और कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग की, लेकिन कलेक्टर नीचे नहीं उतरे। महिलाओं और पुलिस के बीच घंटों बहस होती रही, जब कलेक्टर महिलाओं की बात सुनने के लिए नीचे नहीं उतरे तो महिलाओं ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के बंगले का घेराव कर दिया। सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक पहुंचे और महिलाओं को आश्वासन दिया।
टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के अंतर्गत आने वाले महाराजपुरा गांव की महिलाएं अवैध शराब बिकने को लेकर शुक्रवार की दोपहर सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने पहुंची। जहां पर खूब नारेबाजी की गई, लेकिन पुलिस अधीक्षक महिलाओं से मिलने नहीं आए और कोतवाली के प्रभारी ने ज्ञापन लिया। इसके बाद महिलाएं टीकमगढ़ कलेक्टोरेट पहुंचीं, जहां पर उन्होंने नारेबाजी की और कलेक्टर को ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गईं। करीब तीन घंटे तक महिलाएं कलेक्टरेट के नीचे बैठकर कलेक्टर का इंतजार करती रहीं, लेकिन कलेक्टर नीचे नहीं उतरे। पहले एडीएम ज्ञापन लेने आए, लेकिन महिलाओं ने देने से मना कर दिया। कहा कि जब तक कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आएंगे वह ज्ञापन नहीं देंगे क्योंकि उनके यहां समस्या 20 साल से है और पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती है। आखिरकार देहात पुलिस थाना प्रभारी से घंटे बहस होती रही लेकिन कलेक्टर अवधेश शर्मा नीचे नहीं उतरे और एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद महिलाएं सीधे टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन में स्थित टीकमगढ़ लोकसभा से सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के बंगले का घेराव करने पहुंच गईं।
एसपी ने संभाला मोर्चा
महाराजपुरा गांव की महिलाओं की जब पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर ने नहीं सुनी तो महिला सैकड़ों की संख्या में टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन में स्थित टीकमगढ़ लोकसभा से सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के बंगले के बाहर बैठ गईं और जमकर नारेबाजी की। प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे और सूचना मिलते ही टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों से उन्होंने बात की। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि आखिरकार महाराजपुरा गांव में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती है। इसके पहले वह कोतवाली और कई बार आवेदन दे चुके हैं और मीडिया में खबरें आ चुकी हैं लेकिन कोतवाली पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। पुलिस अधीक्षक उनसे मिन्नत करते रहे, करीब एक घंटे की बहस के बाद महिलाएं और पुलिस अधीक्षक की बातों पर विश्वास कर पाए और कहा कि अगर उनके गांव में अवैध शराब बिकना बंद नहीं हुई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।