टीकमगढ़ जिले के महाराजपुरा गांव में पुलिस ने दलित और आदिवासी बच्चों, महिलाओं व पुरुषों को शराब न पीने की शपथ दिलाई। इससे पहले शुक्रवार को ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री के विरोध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कलेक्ट्रेट और केंद्रीय मंत्री के बंगले पर हंगामा किया था।
टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक के प्रवक्ता रहमान खान ने सोमवार शाम को बताया कि टीकमगढ़ कोतवाली के अंतर्गत महाराजपुरा गांव में पुलिस द्वारा दलित और आदिवासी बस्ती में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अजाक्स थाना प्रभारी इंसाफ अली, महिला थाना प्रभारी सुषमा श्रीवास्तव और कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा ने गांव में चौपाल लगाकर जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस दौरान उपस्थित बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को शराब न पीने की शपथ दिलाई गई। साथ ही लोगों से कहा गया कि यदि कहीं भी शराब बिकती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचना दें।
ग्रामीणों ने किया था हंगामा
शुक्रवार को टीकमगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचकर गांव की महिलाओं और पुरुषों ने पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और हंगामा किया। लेकिन उस समय पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर, दोनों ही ज्ञापन लेने के लिए मौजूद नहीं थे। महिलाओं ने बताया कि उनके गांव महाराजपुरा में पिछले 20 साल से लगातार अवैध शराब बेची जा रही है, जिससे उनके परिवार टूट रहे हैं और घरों में कलह होती है। शराब पीने से गांव में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी समस्या को लेकर करीब 500 महिलाएं और 500 पुरुष पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जब किसी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी, तो वे टीकमगढ़ लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के बंगले का घेराव करने पहुंचे। केंद्रीय मंत्री के बंगले का घेराव होते ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
घर की तलाशी में नहीं मिली अवैध शराब
शुक्रवार रात को टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा चार दलों का गठन किया गया और ग्रामीणों द्वारा बताए गए लोगों के घरों पर छापा मारा गया। पूरे घर की तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को एक भी अवैध शराब की बोतल नहीं मिली और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस ने किया जागरूकता शिविर का आयोजन
टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक के प्रवक्ता रहमान खान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आज पुलिस ने महाराजपुरा गांव की दलित और आदिवासी बस्ती में जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में उपस्थित बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को शराब न पीने की शपथ दिलाई गई।