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अनोखा प्रेम विवाह: भारतीय संविधान को साक्षी मान शादी के बंधन में बंधा प्रेमी जोड़ा, रिश्तेदारों ने की तारीफ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Updated Mon, 16 Jan 2023 03:37 PM IST

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक अनोखे प्रेम विवाह का मामला सामने आया है, इस विवाह की तारीफ हर तरफ हो रही है। ये प्रेम विवाह अंतरजातीय होने के साथ ही बेहद खास भी है, वहीं, विवाह की रस्में भी अन्य शादी समारोह से अलग रही। जहां लोग अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों के बंधन में बंधते हैं तो वहीं, बैतूल के एक वकील और एक शिक्षिका ने देश के संविधान को साक्षी मानकर विवाह किया। वहीं मंत्रों की जगह जोड़े ने भारतीय संविधान की उद्देशिका को पढ़ा। वर और वधू पक्ष की सहमति से यह प्रेम विवाह सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुआ। विवाह की रस्मों की खासियत यही रही कि न भंवरे पड़ी गई, न अग्नि के फेरे हुए, न पंडित बैठे और न गठजोड़ हुआ। सिर्फ वर-वधु हाथों में संविधान की पुस्तिका लेकर मंच पर पहुंचे और दोनों ने संविधान की उद्देशिका पढ़कर एक साथ जीवन बिताने का संकल्प दोहराया। बैतूल में एक वकील और शिक्षिका के मंत्रोच्चार की जगह संविधान की उद्देशिका पढ़कर रचाए गए इस विवाह की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।

पेशे से वकील दर्शन बुंदेला खुले विचारों के हैं। अक्सर सम-सामयिक मुद्दों, गरीबों, वंचितों के लिए मोर्चा निकालने वाले दर्शन शोषित, वंचितों के लिए लड़ते रहे हैं। अपनी वकालत की फीस से समझौता कर वे कई जरूरतमंदों के केश मुफ्त लड़ते हैं। अपने इसी जुझारूपन के चलते उनकी दोस्ती कॉलेज जीवन में राजश्री से हुई थी, अच्छी दोस्त और सामाजिक सरोकारों को पूरा करने में दोनों का साथ फिर प्यार में बदल गया। दोनों एक दूसरे को 12 साल से डेट कर रहे थे। कॉलेज के दिनों और मोर्चा निकालने के दौरान की यह दोस्ती अब एक शादी के बंधन में बंध गई।

कैसी हुई विवाह की शुरुआत
दर्शन और राजश्री ने अपने परिवारों को अपनी इच्छा बताई और एक साथ, एक बंधन में बंधने का फैसला सुना दिया। अंतरजातीय प्रेम विवाह को दोनों परिवारों ने सहमति दी और दोनों एक दूजे के हो गए। इसके लिए दर्शन और राजश्री ने पहले रजिस्टर्ड मैरिज की और फिर रविवार रात संविधान की शपथ लेकर एक दूसरे का हाथ थाम लिया। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से लेकर कई वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, नाते, रिश्तेदार इस के साक्षी बने। दर्शन जहां बैतूल के जिला न्यायालय में वकालत करते हैं। वहीं, राजश्री हरदा जिले के एक्सीलेंस स्कूल में हायर सेकेंडरी कक्षाओं को पढ़ाने वाली शिक्षिका हैं। इसके पहले वे महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक थीं। भूगोल विषय में गोल्ड मेडलिस्ट राजश्री एमए हैं। अहिरे परिवार में जन्मी राजश्री बैतूल के अंबेडकर वार्ड निवासी अनूसूचित जाति शिक्षक की बेटी हैं, जबकि दर्शन समाज से जुड़े सेवानिवृत क्लर्क लक्ष्मण बुंदेले के बेटे हैं।

क्रिएटिव इंविटेशन कार्ड देकर किया इनवाइट
इस विवाह की खास बात यह भी रही की विवाह के पहले भेजे गए आमंत्रण पत्र में भी संविधान का जिक्र किया गया। दर्शन ने मित्रों, रिश्तेदारों को भेजे निमंत्रण पत्र में लिखा की संविधान के आर्टिकल 21 के तहत वे अपने जीवन जीने के अधिकार के तहत शादी कर रहे हैं। इसलिए आप भी संविधान के आर्टिकल 19 (i)(b) के तहत शांति से एकत्रित होने के अधिकार का उपयोग कर इस शादी में आकर उन्हें आशीर्वाद दें।

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