बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि हिंदू एकता और सनातन धर्म की जागरूकता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि न वे राजनीति में प्रवेश की योजना रखते हैं, न कोई राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं और न ही किसी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुसार यह पदयात्रा केवल सांस्कृतिक और धार्मिक एकता के लिए है।
शिवपुरी जिला मुख्यालय में आयोजित श्रीमद् भगवद् कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं। कथा से पूर्व आयोजित दिव्य दरबार में पंडित शास्त्री ने लोगों की समस्याओं का समाधान भी किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने हिंदू जनसंख्या में हो रही कमी पर चिंता जताई और कहा कि समाज को संख्या बढ़ाने की दिशा में सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने इस संदर्भ में विवादित बयान देते हुए हिंदू परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह दी।
पंडित शास्त्री ने यह भी कहा कि युवाओं के नैतिक और सांस्कृतिक विकास के लिए भारत के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में गीता, भागवत और रामायण जैसे ग्रंथों को शामिल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इन ग्रंथों के अध्ययन से युवा सही दिशा प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने सेक्युलरवाद और आधुनिक सोच पर भी टिप्पणी की तथा हिंदू समाज को अपनी पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक होने का आग्रह किया। पंडित शास्त्री ने दोहराया कि उनका लक्ष्य समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है, न कि किसी भी प्रकार की राजनीतिक भूमिका निभाना।