बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में जहां सभी प्रत्याशी अपने-अपने अंदाज में मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं, वहीं शिवहर विधानसभा क्षेत्र में एक उम्मीदवार का प्रचार शैली पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। निर्दलीय प्रत्याशी संजय संघर्ष सिंह ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत जंजीरों में जकड़कर की है।
संजय संघर्ष सिंह का चुनाव चिह्न भी ‘जंजीर’ है, और इसी प्रतीक को जीवंत रूप देते हुए उन्होंने खुद को लोहे की जंजीरों में बांधकर घर-घर जाकर लोगों से समर्थन की अपील शुरू की है। उनका कहना है कि ये जंजीरें जनता के अधूरे सपनों और वर्षों से रुके हुए बागमती नदी के अदौरी-खोरी-पकड़ पुल निर्माण का प्रतीक हैं।
सिंह ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस पुल के निर्माण की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। उनका कहना है — “जब तक अदौरी-खोरी पकड़ पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक न मैं दाढ़ी काटूंगा और न ही चुनाव लड़ना छोड़ूंगा।” उन्होंने पुल निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए वर्षों से दाढ़ी नहीं कटाई है, जो अब उनके संघर्ष का प्रतीक बन चुकी है।
जनसम्पर्क अभियान के दौरान जब वे जंजीरों में बंधे गांव-गांव घूमते हैं, तो लोग आश्चर्य और सम्मान के भाव से उनका स्वागत करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका यह तरीका भले ही अलग है, परंतु यह क्षेत्र के विकास और जनसमस्या को उजागर करने का सशक्त संदेश देता है।
शिवहर में संजय संघर्ष सिंह अब “जंजीर वाले उम्मीदवार” के नाम से जाने जा रहे हैं, और उनका अनोखा प्रचार अभियान पूरे विधानसभा क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।