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Sehore News: प्रतिबंध के बाद भी चल रहा एनालॉग पनीर का खेल! रुद्रांश डेयरी पर दूसरी रेड, 25 क्विंटल माल जब्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Updated Thu, 20 Aug 2026 03:59 PM IST

सीहोर के पचामा गांव की रुद्रांश डेयरी पर देर रात खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने डेयरी कारोबार की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। संभागीय उड़नदस्ता भोपाल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन सीहोर की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में दबिश देकर करीब 25 क्विंटल संदिग्ध एनालॉग पनीर जब्त कर सील कर दिया। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर इसी फैक्ट्री पर दूसरी कार्रवाई हुई है।

शिकायत मिलते ही टीम ने मारी रेड
खाद्य आयुक्त को सीहोर क्षेत्र में नकली या एनालॉग पनीर बनाए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने अचानक रुद्रांश फैक्ट्री पहुंचकर निरीक्षण किया। देर रात हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने उत्पादन और भंडारण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की तथा संदिग्ध पनीर के नमूने लिए।

25 क्विंटल पनीर जब्त, जांच के लिए सैंपल
अधिकारियों के मुताबिक फैक्ट्री परिसर में नमक और शक्कर भी मिली। मौके पर तैयार पनीर को लेकर अधिकारियों ने एनालॉग पनीर होने की आशंका जताई है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। टीम ने करीब 25 क्विंटल पनीर जब्त कर सील किया है और नियमानुसार सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

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पैकेट पर कंपनी नाम और लेबलिंग पर सवाल
जांच के दौरान पैकेटों की लेबलिंग में भी गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार पैकेट पर कंपनी और उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थी। खाद्य उत्पादों की पहचान, निर्माण और लेबल संबंधी नियमों के पालन को लेकर विभाग ने इसे जांच का अहम बिंदु बनाया है।

एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई ने बढ़ाए सवाल
रुद्रांश फैक्ट्री पर इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। एक सप्ताह पूर्व टीम ने यहां से 2 क्विंटल से अधिक संदिग्ध एनालॉग पनीर जब्त किया था। अब दोबारा बड़ी मात्रा में माल मिलने से कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह भी है कि पहली कार्रवाई के बाद निगरानी और उत्पादन व्यवस्था पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग सकी।

अन्य फैक्ट्रियां जांच के घेरे में क्यों नहीं?
सीहोर जिले में दो दर्जन से अधिक पनीर फैक्ट्रियां संचालित होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में एक ही फैक्ट्री पर लगातार दूसरी कार्रवाई और अन्य इकाइयों पर कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं होने से चर्चाएं तेज हैं। अधिकारियों से जब अन्य फैक्ट्रियों में कार्रवाई का ब्योरा पूछा गया तो उन्होंने जिले में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की बात कही।

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फैक्ट्री संचालक ने आरोपों से अलग रखा पक्ष
फैक्ट्री संचालक नीलेश राठौर ने कहा कि उनके पास पहले एनालॉग पनीर निर्माण का वैध लाइसेंस था, लेकिन 12 अगस्त के बाद इसका निर्माण पूरी तरह बंद कर दिया गया। उनके अनुसार पहले लिए गए सैंपल कोल्ड स्टोरेज में रखे गए थे और वर्तमान में फैक्ट्री में केवल लो-फैट तथा मीडियम-फैट पनीर तैयार किया जा रहा है। नमक और शक्कर का इस्तेमाल दही, लस्सी और छाछ जैसे अन्य दुग्ध उत्पादों में होने का दावा किया गया।

विभाग बोला-पूरे जिले में जांच जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलीन पन्ना के अनुसार सीहोर, आष्टा सहित जिले की विभिन्न तहसीलों में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। शुद्धम, हंबल काउ, न्यू सुपर और पवनश्री फूड्स सहित अन्य संस्थानों से भी नमूने लिए गए हैं। इन्हें राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।

अब रिपोर्ट खोलेगी असली राज
उड़नदस्ता प्रभारी भोपाल पंकज श्रीवास्तव के अनुसार पचामा औद्योगिक क्षेत्र में संदिग्ध नकली या एनालॉग पनीर निर्माण की गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि वनस्पति मौके पर नहीं मिली, लेकिन पनीर की प्रकृति और लेबलिंग को लेकर संदेह के चलते जब्ती और सैंपलिंग की गई है। अब लैब रिपोर्ट और विभागीय जांच ही तय करेगी कि जब्त माल वास्तव में एनालॉग पनीर था या नहीं।

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