फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: नाले में उतरे पूर्व विधायक, परिषद में फेंका कचरा, इछावर में कांग्रेस का हाई-वोल्टेज हल्लाबोल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Updated Fri, 05 Jun 2026 12:38 PM IST

सीहोर जिले के इछावर नगर परिषद में ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जिसने पूरे इलाके की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया। वर्षों से नालों की सफाई नहीं होने, अधूरे निर्माण कार्यों और जलभराव की समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध इतना उग्र हुआ कि पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, पार्षद जुनैद खान और सैकड़ों कार्यकर्ता सीधे नाले में उतर गए। इसके बाद नाले से निकाली गई सड़ती गंदगी को वाहन में भरकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर फेंक दिया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और अधिकारियों को तीखी चेतावनियां भी दी गईं।

नाले में उतरकर कांग्रेसियों ने खोला मोर्चा
वार्ड क्रमांक 15 में लंबे समय से सफाई नहीं होने के आरोपों के बीच कांग्रेस नेताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नाले के पास धरना दिया और धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सीधे गंदे नाले में उतर गए और अपने हाथों से सफाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में यह पूरा घटनाक्रम चलता रहा और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब नगर परिषद अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो गई है तो जनता के प्रतिनिधियों को खुद मैदान में उतरना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर जमकर हमला बोला गया।

ये भी पढ़ें- छतरपुर में पांच घंटे बवाल: महोबा रोड चौकी के पास हिंसा, पुलिस पर भी पथराव; इस छोटी सी बात पर शुरू हुआ विवाद

गंदगी उठाकर सीधे परिषद कार्यालय पहुंचे
प्रदर्शन का सबसे नाटकीय दृश्य तब सामने आया जब नाले से निकाली गई गंदगी, कीचड़ और कचरे को एक वाहन में भरकर कार्यकर्ता सीधे नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। वहां कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर पूरी गंदगी डंप कर दी गई। इस दौरान परिषद कार्यालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि परिषद की लापरवाही के कारण नागरिकों को बदबू, गंदगी और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

शैलेंद्र पटेल के बदले तेवर ने बढ़ाई सियासी गर्मी
पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल का आक्रामक अंदाज पूरे प्रदर्शन का केंद्र बिंदु बना रहा। लंबे समय बाद वे अपने पुराने आंदोलनकारी रूप में नजर आए। घुटनों तक गहरे नाले में उतरकर सफाई करना और प्रशासन को खुली चुनौती देना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शैलेंद्र पटेल ने एक बार फिर उसी शैली में वापसी की है, जिसने उन्हें प्रदेश राजनीति में अलग पहचान दिलाई थी। सड़क, पानी और जनसमस्याओं को लेकर प्रत्यक्ष आंदोलन करना उनकी पुरानी राजनीतिक पहचान रही है।

CMO को दी कड़ी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले शासकीय सेवक हैं और उन्हें जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नगर के अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा किया जाए और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। यदि प्रशासन ने स्थिति नहीं सुधारी तो कांग्रेस और बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।

ये भी पढ़ें- गाड़ियों के शोरूम में आग, ऊपर रहने वाले छह परिवार फंसे, पड़ोसियों ने रस्सी-सीढ़ियों से बचाई जान

वार्ड 15 में जलभराव से परेशान लोग
वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान ने बताया कि क्षेत्र में वर्षों से नालों की सफाई नहीं हुई है। हल्की बारिश होते ही नाले उफान पर आ जाते हैं और गंदा पानी सड़कों तथा घरों के आसपास फैल जाता है। उनका आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद को ज्ञापन दिए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।

बार-बार ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सफाई व्यवस्था, अधूरे निर्माण कार्य और जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। बावजूद इसके हालात जस के तस बने हुए हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद जनता की मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। इसी कारण मजबूर होकर कांग्रेस को सड़क पर उतरना पड़ा और विरोध का यह आक्रामक स्वरूप अपनाना पड़ा।

राजस्व मंत्री के गृह नगर में उठा बड़ा सवाल
यह पूरा प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब इछावर प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। ऐसे में नगर परिषद की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक महत्व और बढ़ा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पहली ही प्री-मानसून बारिश ने विकास और सफाई के दावों की पोल खोल दी है। नगर की स्थिति देखकर साफ है कि प्रशासनिक दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।

अब प्रशासन की परीक्षा
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द सफाई अभियान नहीं चलाया गया और अधूरे विकास कार्य पूरे नहीं किए गए तो आंदोलन और उग्र होगा। दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन पर अब जनता और विपक्ष दोनों का दबाव बढ़ गया है। इछावर में हुए इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन ने न केवल स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है, बल्कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन चेतावनी को गंभीरता से लेता है या आने वाले दिनों में इछावर की सड़कों पर सियासी संघर्ष और तेज होता है।   इछावर में कांग्रेस का सफाई संग्राम   

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें