सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र के बसाहरी गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तंबाकू युक्त गुटखा की लत से जूझ रही एक गर्भवती महिला ने गुटखा न मिलने पर महावर पीकर जान देने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर रेफर कर दिया गया।
गर्भवती थी, फिर भी थी गुटखे की लत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय हेमा आदिवासी, पत्नी राहुल आदिवासी, को गुटखा खाने की गहरी लत थी। गर्भावस्था के कारण परिजनों ने उसे गुटखा देना बंद कर दिया, जिससे वह परेशान हो गई। गुटखा न मिलने पर उसने गुस्से में आकर महावर (डाई या रंगाई में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) पी लिया।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है, जब हेमा घर में अकेली थी। पड़ोसी राधा बाई के अनुसार, गुटखे की तलब में उसने यह कदम उठाया। परिवार ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर सागर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यह घटना तंबाकू की लत के खतरों को दर्शाती है और इस बात पर जोर देती है कि गर्भवती महिलाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए सही परामर्श और समर्थन मिलना चाहिए।