मध्य प्रदेश के नवनिर्मित वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां करीब एक महीने पहले कान्हा टाइगर रिजर्व से शिफ्ट किए गए एक बाघ की मौत हो गई है। बाघ का शव शनिवार शाम को रिजर्व के कोर एरिया में मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि रेडियो कॉलर लगे होने के बावजूद दो दिनों तक लोकेशन न बदलने पर प्रबंधन को इसकी भनक लगी।
दो दिन से एक ही जगह मिल रही थी लोकेशन
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह के मुताबिक, बाघ को 18-19 जनवरी 2026 की रात को रेडियो कॉलर लगाकर कोर एरिया में छोड़ा गया था। मॉनिटरिंग टीम लगातार उस पर नजर रख रही थी। पिछले दो दिनों से बाघ के सिग्नल एक ही जगह से मिल रहे थे, जिससे टीम को अनहोनी की आशंका हुई। जब रविवार शाम करीब 5:30 बजे टीम मोहाली परिक्षेत्र की मानेगांव बीट (कक्ष क्रमांक 159) पहुंची, तो बाघ मृत अवस्था में पाया गया।
ये भी पढ़ें- जंगली हाथियों की दस्तक से गांव में फैली दहशत, ट्रैकर से हो रही निगरानी, वन विभाग अलर्ट
कान्हा से शिफ्टिंग के बाद था निगरानी में
इस बाघ को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से नौरादेही (अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए लाया गया था। शिफ्टिंग के बाद से ही वह विशेषज्ञों और वन विभाग के दल की निगरानी में था।
NTCA के प्रोटोकॉल से होगा पोस्टमार्टम
अंधेरा होने के कारण रविवार को शव का मुआयना नहीं किया जा सका था। सोमवार सुबह से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौत की वजह शिकार है या प्राकृतिक, इसकी जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। बाघ के शव का सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसकी रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि क्या यह मौत आपसी संघर्ष (Territorial Fight) की वजह से हुई या किसी बीमारी से।