जिले के राहतगढ़ थाने में उस समय अजीब स्थिति निर्मित हो गई, जब एक विदेशी युवक वहां पहुंचा और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगा। युवक को देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी सन्न रह गए। काफी देर तक भाषा की लुका-छिपी चलती रही, जिसके बाद अंग्रेजी समझने वाले पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। युवक नाइजीरिया का रहने वाला है और अपनी एक बड़ी समस्या लेकर शिमला से यहां पहुंचा था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल नाइजीरियाई युवक का नाम मोहम्मद ताहिर अब्दुल्ला (20) है। वह हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित बरहा यूनिवर्सिटी से फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा है। ताहिर का बैंक खाता और यूपीआई आईडी अचानक 'होल्ड' कर दी गई थी। जब उसने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिले के राहतगढ़ थाने के निर्देश पर उसके खाते पर रोक लगाई गई है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए वह बस के जरिए भोपाल होते हुए राहतगढ़ थाने पहुंचा।
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ठगी से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले राहतगढ़ के मरदानपुर निवासी प्रताप राजपूत के साथ 95 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई थी। राहतगढ़ पुलिस ने जब इस मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी तो तकनीकी जांच में सामने आया कि ठगी की कुछ राशि नाइजीरियाई छात्र ताहिर के खाते में ट्रांसफर हुई है। इसी आधार पर सेंट्रल एजेंसी ने ताहिर के ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी थी।
थाने में प्रारंभिक बातचीत के बाद छात्र को सागर साइबर सेल भेजा गया। वहां अधिकारियों ने ताहिर से पूछताछ की और उसके बयान दर्ज किए। छात्र ने अपनी सफाई में बताया कि उसे इस ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच के बाद पुलिस अब छात्र के खाते से 'होल्ड' हटाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।