प्रयागराज कुंभ के लिए इस समय देशभर के लोगों में गजब की आस्था देखने को मिल रही है। ऐसे ही लक्ष्मण नामदेव गणवीर में प्रयागराज पहुंचने का जज्बा और जुनून को देख आप भी वाह वाह कह उठेंगे। 70 साल के लक्ष्मण 1000 किलोमीटर की पैदल यात्रा का संकल्प लेकर घर से निकले हैं। वह पिछले 6 महीने से अपने पीठ पर 30 किलो वजन लादकर नंगे पैर चल रहे हैं।
इतना ही नहीं अपनी इस यात्रा का संदेश दूसरों तक देने नगाड़ा बजाते हुए यह सफर कर रहे हैं। अपने इसी सफर के दौरान इंदौर, उज्जैन से होते हुए सागर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे अमन चैन शांति का संदेश देने यह यात्रा निकाल रहे हैं। लक्ष्मण ग्याजी पहुंचकर पुलवामा में शहीद हुए सैनिक को, बोर्डर पर शहीद हुए जवानों को, कोरोना में काल कलवित हुए लाखों लोगो को, श्रद्धांजलि अर्पित करने और माता पिता के पिंडदान करेंगे।
दरअसल, 70 साल के लक्ष्मण नामदेव गणवीर इंदौर जिले के राजवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पिछले लंबे समय से यह शादी विवाह में ढोल बजाने का काम करते आ रहे हैं। इनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, दोनों बेटियों की शादी हो गई। एक बेटा होटल मैनेजमेंट का काम करता है तो दूसरा LIC में है। घर में नाती पोता भी हैं। लक्ष्मण नामदेव ने 6 महीने पहले 7 जुलाई 2024 को अपनी यह यात्रा शुरू की थी, जिसमें वे रोजना 5 से लेकर 20 किलोमीटर तक की यात्रा करते हैं। इसमें वह अपने हाथों में घुंघरू और सीने पर लटकाए ढोल को बजाते ही चलते हैं।