मऊगंज जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांव-गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, कई नाले उफान पर हैं और सैकड़ों गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रीवा कमिश्नर वीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत, मऊगंज कलेक्टर और एसपी दिलीप सोनी ने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
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जिले में जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़कों को काटकर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई, जिससे जलजमाव पर नियंत्रण पाया जा सके। प्रभावित गांवों में ग्राम पंचायत भवनों और शासकीय स्कूलों में अस्थायी शिविर बनाकर लोगों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना और वर्तमान विधायक प्रदीप पटेल भी जनसेवा के लिए आगे आए हैं। उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
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मौसम विभाग ने मऊगंज जिले में अभी भी रेड अलर्ट जारी किया हुआ है, जिस कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिन गांवों में स्थिति अधिक गंभीर है, वहां राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और आवश्यक दवाएं व खाद्यान्न वितरित किए जाएं।