राजगढ़ शहर के मुख्य बाजार में मंगलवार को लगी हुई एक खिलौने नुमा बंदूक की दुकान चर्चा का विषय बन रही थी। हर कोई जानने को बेताब था कि ये खूबसूरत सा दिखने वाला खिलौना कैसे काम करता है। दुकानदार से जब जानना चाहा तो उसने जमीन पर रखी हुई बंदूक उठाई और उसे चलकर बताया, जिसकी आवाज असली बंदूक से कम नही थी।
बंदूक की ये दुकान लगाने वाले अमृतपुरा गांव के रामबाबू विश्वकर्मा बताते है कि उन्होंने इस बंदूक का निर्माण अपने हाथों से किया है। इसे पोटाश गन कहते है। एक बंदूक को बनाने में उन्हें लगभग 2 से 3 घंटे लगते हैं और एक दिन में वो 8 से 10 नग बना लेते है और पिछले दो सालों से वो ये काम कर रहे है।
वहीं इस खूबसूरत खिलौने का दूसरा और खतरनाक पहलू भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुआ। जिसमें इसी तरह के खिलौने पोटाश पंप को चला रहे एक युवक की कलाई सिर्फ इसलिए फट गई कि जो खिलौना वह चला रहा था वो पोटाश के धमाके से फट गया। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर आसानी से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उक्त पोटाश गन को बनाने वाले इस कारीगर का दावा है कि उसने इस बंदूक को कुछ इस तरह से डिजाइन किया है कि इसमें फटने का खतरा नहीं है।