मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल की मुश्किलें अपने बयान के जवाब देने के बाद भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस लगातार उन पर हमलावर है और लगातार प्रेसवार्ता को संबोधित कर प्रहलाद पटेल से माफी मांगने और उन्हें इस्तीफा देने की बात कही जा रही है।
उसी क्रम ने बुधवार को भोपाल से राजगढ़ के लिए मीडिया प्रभारी बनाकर भेजी गई कांग्रेस नेत्री संगीता शर्मा ने प्रहलाद पटेल के भीख वाले बयान को आगे रखा। उन्होंने कहा कि प्रहलाद पटेल ने जिस दौरान नर्मदा परिक्रमा की थी, उस दौरान उन्होंने जनता से भीख मांगकर भोजन किया था। वो उस बात को भूल चुके हैं और हमारे देश के पीएम ने 35 साल भीख मांगकर खाना खाया है, खुद प्रधानमंत्री ने इस बात को स्वीकार भी किया है।
देश के प्रधानमंत्री देश की 80 करोड़ जनता को 5 किलो राशन की भीख दे रहे हैं, क्योंकि उनके मंत्री ने ही खुद कहा है। इसका मतलब ये हुआ कि देश के 80 करोड़ लोगों को भिखारी बनाने का काम नरेंद्र मोदी जी ने किया है। मैं देश के पीएम और प्रदेश के सीएम से कहना चाहती हूं कि आपके कैबिनेट मंत्री ने जनता को भिखारी कहा है, इसलिए 24 घंटे के भीतर आप उनका इस्तीफा ले।
साथ ही महिला कांग्रेस नेत्री संगीता शर्मा कहती हैं कि मुझे सूत्रों से ये जानकारी भी मिल रही है कि लगातार बीजेपी के अंदर इस विषय को लेकर चर्चा चल रही है और बात दिल्ली तक पहुंच चूंकि है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि शाम तक कभी भी प्रहलाद पटेल का इस्तीफा आ सकता है।
क्या था बयान में
दरअसल राजगढ़ के सुठालिया में रानी अवंती बाई की प्रतिमा अनावरण के दौरान पंचायत मंत्री ने जनता की मांगों को 'भीख', कहा और बोले कि अब तो सरकार से भीख मांगने की आदत लोगों को पड़ गई है। नेता आते हैं, उन्हें एक टोकरा (टोकरी) भरकर मांग पत्र पकड़ाए जाते हैं। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने के बजाय देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं, आप सुखी होंगे और एक संस्कारवान समाज को खड़ा करेंगे भिखारियों को प्रोत्साहित करना समाज को मजबूत करना नहीं, बल्कि उसे कमजोर करना है।"